Karna Vs Arjuna Weapons Comparisons: Kurukshetra War

कर्ण और अर्जुन के दिव्यास्त्र : क्या अर्जुन ने कुरुक्षेत्रमे दिव्यास्त्रो का उपयोग किया

Karna Vs Arjuna Weapons Comparisons: Kurukshetra War| महाभारत के चाहनेवालो के बिच जब जब चर्चा होती हे, तो उनमे किस योद्धा के पास कोनसे अस्त्र और शस्त्र थे इस बारे में गरमागरम बहस होना तो लाजमी हे. चलो हम भी आज इस बहस का हिस्सा बनाते हे. पर लेख की शुरवात करने से पहले बता दे, “अगर योद्धा काबिल हो तो साधारण अस्त्र से भी भयानक संहार कर सकता हे, और नाकाबिल हो तो…!! तो वो कुछ नहीं कर पाता”..

महाभारत के कई नायक हे, पर कुरुक्षेत्र युद्ध के मुख्य रुपसे सिर्फ दोही नायक थे… वे थे धनुर्धर अर्जुन और महारथी कर्ण आज हम इन्ही वीरो के दिव्यास्त्रो(Karna Vs Arjuna Weapons Comparison) की चर्चा करेंगे

अगर आपको महाभारत की कथाओ के बारेमें जानना हे, तो अपने परिजनों के साथ हमारी कथाओ को share करे.

श्रेष्ठ धनुर्धर अर्जुन के अस्त्र(Arjuna Weapons)

  1. ब्रह्मशिर अस्त्र

    अर्जुन के पास ब्रह्मास्त्र से भी चार गुना ज्यादा भयानक अस्त्र ब्रह्मशिर अस्त्र था. जब धनुर्धर अर्जुन ने अपने भाईयो के साथ मिलकर राजा द्रुपद को बंदी बनाया था. तब द्रोणाचार्य ने अर्जुन को ब्रह्मशिर अस्त्र दिया था.
    इस अस्त्र के बारे में हमने पहले ही विस्तृत वीडियो बनाये रख्खा हे आप कार्ड्स पर क्लीक कर उसे देख सकते हे.

  2. पाशुपतास्त्र

    भगवन शिव का महाशक्तिशाली अस्त्र था पाशुपतास्त्र, अर्जुन के भगवन शिव की तपस्या कर उन्हें प्रसन्न कर पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था(भगवान शिव किरात अवतार). कई विद्वानों का ये भी मानना हे की, अर्जुन के पास पाशुपतास्त्र था जरुर पर उसे अवहित करना उसे अत नहीं था.
    कई विद्वानों के अनुसार पाशुपतास्त्र भगवान विष्णु के नारायणास्त्र के समकक्ष हे तो कई मानते हे की पाशुपतास्त्र सबसे विध्वंसक हे. पर एक कथा के अनुसार ब्रह्मदंड सबसे विनाशकारी हे.

  3. वज्रास्त्र

    इंद्र का इजाद किया हुवा वज्रास्त्र, इंद्र ने कुरुक्षेत्र युद्धसे पहले अपने पुत्र को भेट दिया था.

  4. आग्नेयास्त्र

    ये अर्जुन का सबसे पसंदीदा और सबसे ज्यादा उपयोग किया हुवा अस्त्र. इस अस्त्र के प्रयोग में अर्जुन को महारथ हासिल थी. और अन्य कोई योद्धा अर्जुन से बेहतर इस अस्त्र का उपयोग नहीं कर सकता था.

  5. वरुण देव का नागपाश, यमराज की गदा… जैसे अस्त्र सभी देवताओ ने अर्जुन को दिए थे

महारथी कर्ण के अस्त्र (Karna Weapons)

अर्जुन के अस्त्र देखने के बाद हम देखते हे की महारथी कर्ण के पास कोण-कोंसे दिव्यास्त्र थे.

  1. कर्ण के ब्रह्माजी के तीनो भयानक अस्त्र थे : ब्रह्मास्त्र / ब्रह्मशिर / और ब्रह्मदंड

    ब्रह्मदंड दुनिया का सबसे शक्तिशाली अस्त्र हे. जो एकबार ऋषि विश्वामित्र द्वारा चलाये ब्रह्मास्त्र, पाशुपतास्त्र और नारायणास्त्र को एकसाथ निगल गया था… Karna Brahmastraकई लोग हमसे कहते की कर्ण का श्राप के कारन दिव्यास्त्र और ब्रहमास्त्र का चलाना एक महज झूट हे. पर इस श्लोक को पढो तो बात समज में आएगी.
    इस श्लोक में कर्ण के श्राप का वर्णन आता हे, जहा बताया गया हे  “जब कर्ण की मृत्यु का समय निकट होगा तभी ब्रह्मदेव की साड़ी शक्तिया उसका साथ छोड़ देगी”  याह ध्यान दे मृत्यू का समय निकट होगा तभी

  1. भार्गवास्त्र

    कर्ण के पास भगवान परशुराम का अजय भार्गवास्त्र भी था. परशुरामजी ने ये खुद स्वीकार किया था कि जब कर्ण ये अस्त्र चलाता हे तो वो परशुराम के चलाये भार्गवास्त्रसे भी ज्यादा भयानक विनाश करता हे. अर्जुन ने भी एकबार ये स्वीकार किया था कि भार्गवास्त्र को निरस्त करणा असंभव हे.
    संकृत मुल महाभारत के कर्ण पर्व के अध्याय ४५ और ४८ वे श्लोक मे आप साफ साफ देख सकते हे, जाब श्रेष्ठ धनुर्धर अर्जुन भार्गवास्त्र कि श्रेष्ठता स्वीकार कर कहते हे कि उसका उत्तर देणा उनके बस कि बात नाही हे, अगर कर्ण ये अस्त्र चला देता हे, भागणे के अलावा मेरे पास कोई चारा नही.
    Arjuna Feared Of Karna Bhargavastra

  2. पाशुपतास्त्र

    कर्ण के पास पशुपत अस्त्र भी था, पर काई विद्वानो के अनुसार शायद ये अस्त्र अर्जुन के अस्त्र से अलग और काम ताकदवर होणे कि संभावना हे. पर भगवान कृष्ण द्वारा कहे एक श्लोक मे इसका वर्णन मिलता हे.
    Karna Pashupatastra Shloka

  3. वासवी शक्ती

    कर्ण के पास इंद्र कि दी हुई वासवी शक्ती थी… इंद्र ने कर्ण से छल से जब उससे कवच कुंडल ले लिए थे तो इसके बदले उसने कर्ण को अपना एक भाला दिया था, जिसका नाम वासवी शक्ति था.

  4. नागास्त्र

    कहा जाता हे कर्ण के नागास्त्र का आजाद खुद उसने वर्षो तक संशोधन करके किया था.

  5. महेंद्र पर्वत पर परशुराम के सानिध्य मे वास्तव के दौरण देवता, गंधर्व, यक्ष मित्रता के कारण अपने अस्त्र कर्ण को दे देते हे.
    Karna Mahendra Parvat

साथही एक मजे कि बात … जब घटोत्कच और कर्ण का युद्ध हो रहा था तो घटोत्कच कर्ण को वज्र फेंक कर मारता हे. पर कर्ण कुद्कर वज्र को पकडता हे और उलटा उसे मारता हे. और घटोत्कच को रथ से कुद्कर भागना पडता हे… वज्र के टकराणे से घटोत्कच का रथ नष्ट हो जाता हे. द्रोण पर्व के १५० वे अध्याय मे इसका वर्णन आता हे.

Karna Ghatotkacha war

अर्जुन द्वारा दिव्यास्त्रो का प्रयोग (Arjuna Weapons Use)

कई लोगो का ये मानना हे की, अर्जुन ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में कभी दिव्यास्त्रो का प्रयोग नहीं किया. अर्जुन ने तो दिव्यास्त्रो का इस्तेमाल न करने का प्रण लिया था. हां ये सच हे की अर्जुन ने प्रतिज्ञा ली थी, पर युद्ध में उसने उसका पालन नहीं किया… कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में अर्जुनने दिव्यास्त्रो का विपुल मात्रा में प्रयोग किया था. वाचको को इसका पूर्ण ज्ञान हो इसकारण हम इसके कुछ उदहारण दे रहे हे.

  1. महाभारत के ३ रे दिन अर्जुन ने कुरु योद्धाओ पर वज्रास्त्र चालाया
  2. समसप्तक वीरो पर अर्जुन ने महाभारत युद्ध के १४वे दिन ब्रह्मास्त्र का उपयोग किया
  3. १४वे ही दिन अर्जुन ने द्रोणाचार्य के उपर भी दो बार ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया.
  4. पाशुपतास्त्र का उपयोग करना अर्जुन भूल गए थे, तो भगवन कृष्ण ने उन्हें कैलास भेजा था. और संभवता जयद्रथ के वध पाशुपतास्त्र से ही किया
  5. कुरुक्षेत्र युद्ध के अंत में, अश्वथामा के ब्रह्मशिर के खिलाफ अर्जुन का किया हुवा ब्रह्मशिर अस्त्र का उपयोग तो सभी जानते हे.
  6. कर्ण के खिलाफ युद्ध में अर्जुन ने इन्द्रास्त्र, ब्रह्मास्त्र जैसे कई दिव्यास्त्रो का प्रयोग किया था.
  7. अंत में महारथी कर्ण का वध करने के लिए अर्जुन ने अन्जलिका अस्त्र का उपयोग किया था.

आपको आजका लेख(Karna Vs Arjuna Weapons) कैसा लागा कमेंट कर के जरूर बताये… साथ ही आपका प्यार ऐसेही बनाये रख्खे….

2 comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *